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NH-20 पर धोबा पुल के पास सड़क में दरार, बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन एक लेन बंद, भारी जाम

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बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन NH-20 पर धोबा पुल के पास सड़क में दरार आने के बाद एक लेन बंद कर दी गई। वनवे ट्रैफिक से लंबा जाम लग गया और हजारों वाहन फंसे रहे।

नालंदा/आलम की खबर:बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन (NH-20) पर बुधवार को धोबा पुल के पास अचानक सड़क में बड़ी दरार आने से हड़कंप मच गया। यह घटना बिहारशरीफ से बख्तियारपुर जाने वाली लेन पर हुई, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत एक लेन बंद कर ट्रैफिक को वनवे कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से पूरे इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई और सड़क पर लंबा जाम लग गया।

स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के अनुसार, सुबह के समय अचानक सड़क के बीचोंबीच दरार दिखाई दी, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। कई वाहन वहीं रुक गए और धीरे-धीरे दोनों तरफ लंबी कतारें लग गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सड़क निर्माण एजेंसी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।

तकनीकी खराबी की आशंका, पुल पर बढ़ा दबाव

प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि धोबा पुल संख्या-150 के पास पहले से तकनीकी दबाव की स्थिति बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि पुल के कुछ हिस्सों में हल्का धंसाव पहले ही देखा गया था, जिस पर मरम्मत कार्य चल रहा था।

इसी दौरान सड़क के किनारे हिस्से में अचानक दरार फैल गई। इंजीनियरों का मानना है कि पुल के नीचे लगे बेयरिंग सिस्टम में खराबी के कारण यह समस्या बढ़ी है। फिलहाल विशेषज्ञ टीम को जांच के लिए लगाया गया है ताकि वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।

एक किलोमीटर तक वनवे, लंबा जाम

सड़क में दरार आने के बाद प्रशासन ने लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र को वनवे कर दिया। इसके चलते ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो गया। बिहारशरीफ, पटना और बख्तियारपुर की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

ट्रक, बस और छोटे वाहनों को घंटों तक रुकना पड़ा। कई जगह यात्री गर्मी और जाम से परेशान दिखे। कुछ वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया, लेकिन दबाव अधिक होने के कारण पूरी व्यवस्था सुचारु नहीं हो सकी।

मरम्मत कार्य शुरू, लंबा समय लगने की संभावना

मरम्मत कार्य में लगे कर्मचारियों ने बताया कि पुल और सड़क दोनों की जांच चल रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार बेयरिंग और स्लैब स्ट्रक्चर में तकनीकी खराबी हो सकती है।

इंजीनियर पंकज कुमार के अनुसार, सड़क और पुल को पूरी तरह दुरुस्त करने में लगभग एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है। तब तक इस मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित रहेगा।

पुलिस की तैनाती, बैरिकेडिंग से नियंत्रण

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जा रही है। थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा ने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस मार्ग पर अनावश्यक यात्रा न करें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।

लोगों में नाराजगी, गुणवत्ता पर सवाल

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण फोरलेन पर इस तरह की दरार का आना चिंता का विषय है।

लोगों ने सवाल उठाया है कि अगर यह दरार समय पर नहीं दिखती तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह मामला सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

प्रशासन जांच में जुटा

फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। इंजीनियरों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यह तकनीकी खराबी है या निर्माण में कमी का परिणाम।

रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी

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